सेक्टर-56 स्थित उत्तराखंड पब्लिक स्कूल को लेकर चल रहे विवाद के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।

सेक्टर-56 स्थित उत्तराखंड पब्लिक स्कूल को लेकर चल रहे विवाद के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है।


📍 नोएडा | 22 मार्च 2026 | 

सेक्टर-56 स्थित उत्तराखंड पब्लिक स्कूल को लेकर चल रहे विवाद के बीच जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। Central Board of Secondary Education (CBSE) द्वारा सीनियर सेकेंडरी (कक्षा 9 से 12) की मान्यता समाप्त किए जाने के बाद अब स्कूल को कक्षा 1 से 8 तक संचालित करने की अनुमति दे दी गई है।

मामले की पृष्ठभूमि में सामने आया है कि स्कूल के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनमें शिक्षकों को समय पर वेतन न देना, मानसिक उत्पीड़न और प्रबंधन से जुड़ी अनियमितताएं शामिल हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए CBSE ने सख्त कार्रवाई की और सीनियर सेकेंडरी स्तर की मान्यता वापस ले ली।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तर पर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित होने से बचाना और तत्काल समाधान निकालना था।

बैठक में विस्तार से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों की पढ़ाई उसी स्कूल परिसर में जारी रखी जाएगी, क्योंकि छोटे बच्चों को अचानक दूसरे स्कूल में स्थानांतरित करना व्यावहारिक रूप से कठिन है। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों में स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो और वे आगे की कक्षाओं में बिना किसी समस्या के जारी रख सकें।

जिला विद्यालय निरीक्षक Rajesh Kumar ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय CBSE के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है और इसका उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना है।

इस निर्णय के बाद अब कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को तत्काल राहत मिली है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों और उनके अभिभावकों के सामने नए स्कूल में प्रवेश लेने की चुनौती खड़ी हो गई है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है और आगे की परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव संभव है।

अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों की कक्षा के अनुसार स्थिति को समझें और विशेष रूप से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए जल्द से जल्द वैकल्पिक स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

(स्रोत: Times of India की रिपोर्ट पर आधारित)

1 Comments

  1. बहुत दुख हुआ है ये सुनकर, जिस चीज के लिए स्कूल की निव रखी गई थी, आज उन सब लोगों अभिभावकों और बच्चों का सपना पूरा ना हो सका मै ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों की वजह से ये दिन देखने को मिला है है भगवान उन लोगों को जरूर इसी जन्म मै shja जरूर देना 🙏🙏

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