क्षत्रिय करणी सेना का सदस्यता अभियान नोएडा में हुआ तेज, गिझौड़ गांव की बैठक में उठी क्षत्रिय एकता की गूंज

 

क्षत्रिय करणी सेना का सदस्यता अभियान नोएडा में हुआ तेज, गिझौड़ गांव की बैठक में उठी क्षत्रिय एकता की गूंज

स्रोत: ठाकुर संग्राम सिंह चौहान

नोएडा, 21 सितंबर 2025 – नोएडा महानगर में रविवार को एक खास राजनीतिक-सामाजिक हलचल देखने को मिली। सेक्टर 53 के गिझौड़ गांव में क्षत्रिय करणी सेना का सदस्यता अभियान बैठक आयोजित की गई, जिसकी अगुवाई ठाकुर संग्राम सिंह चौहान ने की। इस बैठक का मकसद सिर्फ संगठन का विस्तार भर नहीं था, बल्कि क्षत्रिय समाज को एकजुट करने और उनकी आवाज़ को मजबूत करने का भी संकल्प लिया गया।

संगठन विस्तार और एकता पर रही चर्चा

स्रोत: ठाकुर संग्राम सिंह चौहान

बैठक में मौजूद वक्ताओं ने साफ कहा कि आज समय की मांग है कि क्षत्रिय समाज एकजुट होकर अपनी ताकत को पहचाने। करणी सेना, जो कि लंबे समय से सामाजिक मुद्दों और क्षत्रिय समाज के सम्मान के लिए संघर्षरत रही है, अब नोएडा और आसपास के इलाकों में अपनी जड़ें और गहरी करने में जुटी है।

ठाकुर संग्राम सिंह चौहान ने कहा – “हमारा लक्ष्य सिर्फ संगठन खड़ा करना नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करना और युवाओं को सही दिशा में आगे बढ़ाना है। करणी सेना का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज का सिपाही है, जो अपने समुदाय के अधिकारों और सम्मान के लिए हमेशा तत्पर रहेगा।”

बैठक में सैकड़ों कार्यकर्ता हुए शामिल

स्रोत: ठाकुर संग्राम सिंह चौहान

गिझौड़ गांव में हुई इस सदस्यता बैठक में सैकड़ों करणी सैनिक मौजूद रहे। गांव की चौपाल से लेकर आयोजन स्थल तक माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा हुआ था। बैठक में ठाकुर सूरज परिहार, ठाकुर आशीष चौहान, ठाकुर शिवम चौहान, ठाकुर लकी चौहान, अभिषेक चौहान, निक्कू चौहान, उत्कर्ष चौहान, तरुण राणा, तुषार राणा, आदित्य तोमर, शिवम परिहार, अभिषेक ठाकुर, ललित जादौन समेत कई सक्रिय कार्यकर्ताओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

इनकी उपस्थिति ने इस बात का संकेत दिया कि करणी सेना का प्रभाव केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव तक इसकी पकड़ बढ़ रही है।

वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह

बैठक की खासियत यह रही कि इसमें संगठन के कई बड़े पदाधिकारी भी शामिल हुए। क्षत्रिय करणी सेना के प्रवक्ता श्री विपिन सिंह सूर्यवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष राज्यवर्धन सिंह, जिला उपाध्यक्ष श्री रामजी चंदेल, और प्रदेश उपाध्यक्ष युद्धवीर सिंह मंच पर मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने युवाओं में ऊर्जा का संचार किया।

बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को सदस्यता दायित्व प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए, जिससे उन्हें संगठन में अपनी जिम्मेदारी और भूमिका का अहसास हुआ।

लोकल एंगल: क्यों महत्वपूर्ण है नोएडा में यह अभियान?

स्रोत: ठाकुर संग्राम सिंह चौहान

नोएडा को आमतौर पर आईटी हब और आधुनिक शहर के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसके गांव आज भी परंपराओं और जातीय संरचना से जुड़े हुए हैं। गिझौड़ गांव जैसे इलाके में करणी सेना की सक्रियता यह दर्शाती है कि समाज की जड़ें मजबूत करने के लिए गांवों को आधार बनाया जा रहा है।

पूर्वी नोएडा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में क्षत्रिय समाज की अच्छी खासी आबादी है। इस लिहाज से करणी सेना का सदस्यता अभियान यहां से शुरू करना रणनीतिक दृष्टि से अहम कदम माना जा रहा है।

मेरा विश्लेषण: संगठन विस्तार से क्या होगा असर?

अगर गहराई से देखा जाए तो करणी सेना का यह अभियान सिर्फ सदस्यता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसके तीन बड़े असर सामने आ सकते हैं –

  1. क्षत्रिय समाज में एकजुटता – लंबे समय से बिखरे हुए क्षत्रिय वर्ग को एक मंच पर लाने की कोशिश।

  2. राजनीतिक संदेश – नोएडा जैसे शहरी और ग्रामीण मिश्रित क्षेत्र में यह संदेश देना कि करणी सेना केवल राजस्थान या अन्य राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी अपनी पकड़ बना रही है।

  3. युवाओं की भागीदारी – बैठक में युवा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या इस ओर इशारा करती है कि करणी सेना आने वाले दिनों में सोशल मीडिया और ग्राउंड दोनों स्तरों पर अपनी मौजूदगी मजबूत करेगी।

क्षत्रिय एकता: वक्त की ज़रूरत

आज की राजनीति में जातीय समीकरण बड़ी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में करणी सेना का यह सदस्यता अभियान समाज को संगठित करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। वक्ताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि जब तक समाज की सोच एक दिशा में नहीं होगी, तब तक बड़े स्तर पर बदलाव संभव नहीं है।

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