नोएडा सेक्टर-63A में भक्ति का माहौल, 101 कलश यात्रा के साथ शुरू हुई भागवत कथा

Advertisement

 नोएडा सेक्टर-63A में भक्ति का माहौल, 101 कलश यात्रा के साथ शुरू हुई भागवत कथा


नोएडा, 03 मई 2026।
सेक्टर-63A, नोएडा में रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के बीच श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत 101 कलशों की विशाल और आकर्षक कलश यात्रा के साथ की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। कलश यात्रा इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा में भाग लिया, जबकि भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। यह सात दिवसीय आयोजन 03 मई से 10 मई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 8 बजे तक आयोजित किया जाएगा। कथा का वाचन आदरणीय श्री श्री 108 श्री महंत स्वामी राजेन्द्रानंद सरस्वती जी द्वारा किया जा रहा है, जिनके प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन मूल्यों की सीख मिलेगी।

आयोजकों की भूमिका रही अहम

इस भव्य धार्मिक आयोजन की सफलता के पीछे सेक्टर-63A के आयोजकों और स्थानीय निवासियों की सक्रिय भागीदारी और समर्पण प्रमुख रहा। कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था—कलश यात्रा से लेकर कथा आयोजन तक—स्थानीय समिति और समाजसेवियों के सहयोग से की गई। कार्यक्रम के आयोजन में ओमपाल शर्मा (RWA अध्यक्ष) की अगुवाई में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ प्रेम मोहन यादव, मनोज भाटी, उदयवीर शर्मा, सुंदर चौहान, सुरेन्द्र यादव, एस.पी. सिंह, दिनेश कंछल, विजय गौतम, सुनील श्रीवास्तव, होरीलाल जी, ज्ञान प्रकाश जी, लोकेश शर्मा, रामनिवास यादव, आई.पी. शर्मा, सुमेर सिंह, छत्रपाल चौहान और के.पी. शुक्ला, रामेश्वर यादव, अरुण मौर्य, के के खट्टर सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, नोएडा के वरिष्ठ महामंत्री मनोज भाटी ने आयोजन को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।

समाज में एकता और संस्कारों का संदेश

आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, संस्कार और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना भी है। इस आयोजन ने क्षेत्र के लोगों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता का संदेश दिया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है, जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।

व्यवस्था और तैयारियां

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजकों द्वारा बैठने, स्वच्छता और सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए टीम भी तैनात की गई है, जो लगातार व्यवस्थाओं पर नजर रख रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी। उन्होंने सभी लोगों से समय पर पहुंचकर कथा का श्रवण करने और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने की अपील की है।


Advertisement

टिप्पणियाँ